छत्तीसगढ़

सड़क दुर्घटना के घायलों के लिए वरदान बनी पीएम-राहत योजना

रायगढ़ जिले के 77 अस्पतालों में सुविधा शुरू, गोल्डन ऑवर में जान बचाने पर विशेष फोकस

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार की पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एण्ड एस्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। रायगढ़ जिले में कलेक्टर के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को वित्तीय और चिकित्सा संबंधी चिंता से मुक्त करने के लिए योजना में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम 7 दिनों तक कैशलेस उपचार की पात्रता होगी। दुर्घटना के तुरंत बाद का शुरुआती समय (गोल्डन ऑवर) जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए बिना किसी देरी के त्वरित उपचार पर जोर दिया जा रहा है।

रायगढ़ जिले में नेटवर्क और तैयारी
योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिले के सरकारी और निजी चिकित्सालयों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। जिले के 57 शासकीय और 20 निजी अस्पतालों (कुल 77) को इस योजना के लिए पंजीकृत किया गया है। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को योजना के संचालन और उपचार संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य मृत्यु दर को कम करना है। उन्होंने नागरिकों से विशेष अपील की है।
सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को बिना समय गंवाए तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचाएं, ताकि गोल्डन ऑवर के भीतर उसे योजना के तहत त्वरित और निःशुल्क उपचार मिल सके।

पीएम-राहत योजना जीवनरक्षक
पीएम-राहत योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग बल्कि सड़क दुर्घटना का शिकार होने वाले हर व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। कैशलेस और त्वरित उपचार की यह सुविधा गंभीर घायलों के जीवन को सुरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर है।

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