महादेव घाट डूबने की घटना के बाद मृतक के पिता ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

रायपुर। राजधानी रायपुर में महादेव घाट में युवक की संदिग्ध मौत को लेकर एक पिता का दर्द प्रेस वार्ता के दौरान छलक उठा। मृतक के पिता अजित नाडार ने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने अपने पुत्र रोशन नाडार की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रेस वार्ता में अजित नाडार ने बताया कि उनका पुत्र रोशन नाडार अपने मित्र यशवंत साहू के साथ महादेव घाट नहाने गया था। उनके अनुसार दोनों नशे के आदी थे और घटना वाले दिन भी दोनों ने नशा किया था। इसी दौरान वहां पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ी पहुंची, जिसे देखकर रोशन घबरा गया और पानी में कूद गया।
यशवंत साहू के मुताबिक जब पुलिस मौके पर पहुंची, उसी समय रोशन पानी में डूब रहा था। आरोप है कि पेट्रोलिंग पुलिस ने युवक को बचाने के बजाय उसका वीडियो बनाया। बाद में यशवंत साहू ने आसपास मौजूद लोगों को बुलाकर रोशन को पानी से बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने यशवंत साहू को शक के आधार पर हिरासत में लिया, लेकिन अगले ही दिन उसे छोड़ दिया गया। मृतक के पिता का कहना है कि उनके पुत्र को तैरना आता था, इसके बावजूद उसकी डूबकर मौत कैसे हो गई, यह जांच का विषय है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रोशन के पास मौजूद दो मोबाइल फोन और नकदी घटना के बाद से गायब हैं, लेकिन इस संबंध में अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। पीड़ित पिता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।



