विश्रामपुरी ‘अ’ में जी राम जी योजना से 19.90 लाख रुपये की लागत से चिनाई सीसी चेक डैम का निर्माण पूर्ण
जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा को मिली मजबूती, निर्माण कार्य से 1,553 मानव दिवस रोजगार का भी सृजन

कोण्डागांव जिले के ग्राम पंचायत विश्रामपुरी ‘अ’ में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, वर्षा जल के संरक्षण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किया गया है। जी राम जी योजना के तहत ग्राम पंचायत में 19 लाख 90 हजार 190 रुपये की लागत से चिनाई सीसी चेक डैम का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह चेक डैम अब क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए उपयोगी जल संरक्षण संरचना के रूप में तैयार हो गया है। इस निर्माण कार्य से 1,553 मानव दिवस रोजगार का भी सृजन हुआ, जिससे गांव के अनेक लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।

निर्मित चेक डैम के माध्यम से बारिश के दौरान नदी में बहने वाले पानी को रोककर उसका उपयोग कृषि कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इससे आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। चेक डैम के निर्माण से किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से खेती के दौरान पानी की कमी की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब नदी के पानी को रोकने की व्यवस्था होने से कृषि कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी।
किसान अमर सिंह ने चेक डैम निर्माण पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जब खेती के लिए पानी की सबसे अधिक आवश्यकता थी, उस समय नदी में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था। इसके कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब चेक डैम का निर्माण पूर्ण हो जाने से नदी के पानी को रोककर रखा जा सकेगा और जरूरत के समय इसका उपयोग खेती के लिए किया जा सकेगा। इससे आसपास के सभी किसानों को लाभ मिलेगा और सिंचाई के लिए पानी की समस्या काफी हद तक दूर होगी।
इसी तरह किसान सोनसाय मरकाम ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए चेक डैम का निर्माण कराया जाना बेहद सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि खेती के लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। नदी के पानी को रोकने की व्यवस्था हो जाने से किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने चेक डैम बनाकर किसानों के हित में बहुत अच्छा कार्य किया है, जिससे आने वाले वर्षों में खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी।
जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण संरचना
निर्मित चिनाई सीसी चेक डैम जल संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बारिश के मौसम में नदी और नालों में आने वाला पानी तेज बहाव के कारण बहकर निकल जाता था। चेक डैम के निर्माण से अब इस पानी को स्थानीय स्तर पर रोका जा सकेगा। संरक्षित पानी का उपयोग सिंचाई के साथ अन्य आवश्यक कार्यों में भी किया जा सकेगा। जल संरक्षण से खेतों में नमी बनाए रखने, भूजल स्तर के पुनर्भरण और आसपास के जल स्रोतों को मजबूत करने में सहायता मिलती है। चेक डैम में रुका हुआ पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे भूजल स्तर को रिचार्ज होने में मदद मिलती है। इसका लाभ केवल वर्तमान फसल को ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक क्षेत्र की जल उपलब्धता को बनाए रखने में भी मिलता है।
ग्रामीण कृषि व्यवस्था में जल संरक्षण की विशेष भूमिका है। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होती है और मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों में भी खेती को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिलती है। सिंचाई की सुविधा बढ़ने से किसान फसलों की देखभाल समय पर कर सकते हैं और कृषि उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ती है।
1,553 मानव दिवस रोजगार का सृजन
जी राम जी योजना के तहत कराए गए इस निर्माण कार्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह भी रही कि इससे 1,553 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ। चेक डैम निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिला, जिससे उन्हें अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में ही काम करने का अवसर प्राप्त हुआ।
ग्रामीण विकास से जुड़े ऐसे निर्माण कार्यों का महत्व केवल स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण तक सीमित नहीं रहता। इन कार्यों के माध्यम से एक ओर गांव में उपयोगी अधोसंरचना विकसित होती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। विश्रामपुरी ‘अ’ में निर्मित यह चेक डैम जल संरक्षण और रोजगार सृजन, दोनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने वाला महत्वपूर्ण कार्य है।
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खेती-किसानी को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाओं का विशेष महत्व है। बारिश के पानी को रोककर उसका उपयोग कृषि कार्यों में करना किसानों को जल संकट से राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चेक डैम, तालाब और अन्य जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ भूजल संवर्धन में भी सहायक होती हैं।
ग्राम पंचायत विश्रामपुरी ‘अ’ में जी राम जी योजना के तहत निर्मित यह चिनाई सीसी चेक डैम भी इसी व्यापक उद्देश्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद गांव में जल संरक्षण की एक स्थायी संरचना तैयार हो गई है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर पानी को रोकना और उसका बेहतर उपयोग करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निर्मित चेक डैम से आसपास के खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ने के साथ ही भूमि में नमी बनाए रखने और भूजल स्तर के पुनर्भरण में भी सहायता मिलेगी।



