छत्तीसगढ़

वनभूमि में खेती का आरोप: दरोगा-फॉरेस्ट गार्ड पर गंभीर आरोप, कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

10 हेक्टेयर वनभूमि में खेती का आरोप, दरोगा-फॉरेस्ट गार्ड घेरे में, कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

बलरामपुर। जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम फूलीडूमर और धनवार के ग्रामीणों ने PF819 वनभूमि में करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती कराए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने 10 सितंबर 2026 को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन शिकायत के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, PF819 वनभूमि में कथित तौर पर मक्का, रहर, तिल और उड़द की खेती कराई गई है। शिकायत में विजय सिंह जंगन दरोगा पर पैसे लेकर वनभूमि में कृषि कार्य कराए जाने का आरोप लगाया गया है।

खेती करने वालों के नाम शिकायत में

शिकायत में वनभूमि पर खेती करने वाले छह लोगों के नाम भी दिए गए हैं। इनमें राजेंद्र यादव पिता रामवृक्ष, बीरेंद्र कुमार यादव पिता रामवृक्ष यादव, गोविंद पिता रमेश, गोपाल पिता रमेश, राजकुमार पिता रामरतन और शिवकुमार पिता रामरतन शामिल हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इन लोगों द्वारा जंगल की कटाई कर वनभूमि में कृषि कार्य कराया गया। ग्रामीणों ने मौके पर जांच कर वनभूमि की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

फॉरेस्ट गार्ड अनिल कुमार दुबे पर भी आरोप

शिकायत में विजय सिंह जंगन दरोगा के साथ फॉरेस्ट गार्ड अनिल कुमार दुबे का नाम भी उल्लेखित है। ग्रामीणों का आरोप है कि PF819 क्षेत्र में खेती के लिए झटका तार लगाकर उसमें बिजली का करंट प्रवाहित किया जाता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, इससे जंगली जानवरों के साथ गाय, बकरी, अन्य पालतू पशुओं और चरवाहों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।

जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की मौके पर जांच, कथित वनभूमि अतिक्रमण को हटाने, पौधरोपण कराने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

फिलहाल मामला ग्रामीणों की ओर से दिए गए शिकायत आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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