बसंतपुर की वनभूमि बनी कचरा डंपिंग का अड्डा, राइस मिल पर गंभीर आरोप; शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?

बलरामपुर/वाड्राफनगर। बलरामपुर जिले के वाड्राफनगर रेंज अंतर्गत बसंतपुर क्षेत्र में वनभूमि पर कथित रूप से राइस मिल से निकलने वाले अपशिष्ट और धान की भूसी फेंके जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बनारस रोड हाईवे के किनारे वन विभाग की जमीन को लंबे समय से कचरा और मिल के अपशिष्ट को फेंकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बसंतपुर में श्री विराट राइस मिल संचालित है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मिल में छत्तीसगढ़ सरकार की खरीदी गई धान की मिलिंग की जाती है। इसके अलावा दूसरे प्रदेशों से पुराने और रिजेक्ट चावल लाकर उनकी सफाई एवं हैंडलिंग किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का दावा है कि मिल से निकलने वाली धान की भूसी और अन्य अपशिष्ट सामग्री को बनारस रोड हाईवे के किनारे स्थित वनभूमि पर फेंका जा रहा है। इससे वनभूमि पर कचरे का ढेर लगने के साथ-साथ आसपास के पर्यावरण पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
इस मामले को लेकर वन विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ समाचार पत्रों के माध्यम से भी सामने आ चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से वनभूमि पर कचरा फेंकने का सिलसिला पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
वाड्राफनगर रेंज में वर्तमान में रेंजर रामनारायण सारथी पदस्थ हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि वनभूमि पर लगातार अपशिष्ट फेंका जा रहा है और इसकी शिकायतें विभाग तक पहुंच चुकी हैं, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
राइस मिल की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल
शिकायतकर्ता ने राइस मिल में पुराने एवं कथित रूप से रिजेक्ट चावल की हैंडलिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया गया है कि बाहर से कम कीमत पर पुराने चावल लाकर उनकी सफाई कर 50 किलो की बोरियों में पैक किए जाते हैं और फिर सरकारी व्यवस्था में वापस पहुंचाए जाते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि इस संबंध में दस्तावेज, बिल, स्टॉक रिकॉर्ड, मिलिंग रिकॉर्ड अथवा खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट सामने आती है, तो इससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
बड़ा सवाल—वनभूमि पर कचरा कौन फेंक रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वनभूमि पर राइस मिल का अपशिष्ट लंबे समय से फेंका जा रहा है, तो संबंधित विभाग ने अब तक इसे रोकने के लिए क्या कार्रवाई की? क्या मौके का निरीक्षण किया गया? क्या पंचनामा बनाया गया? क्या संबंधित मिल संचालक को नोटिस जारी किया गया? और यदि कार्रवाई हुई है, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की वन विभाग, खाद्य विभाग और प्रशासन के स्तर पर संयुक्त जांच कराने की मांग की है। साथ ही वनभूमि को कचरा मुक्त कराकर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
अब देखना होगा कि लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
रिपोर्ट: देव कृष्णा पांडे, न्यूज़ रिपोर्टर
बसंतपुर, वाड्राफनगर, जिला बलरामपुर



