छत्तीसगढ़

शांतिनिकेतन महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया CIPET रायपुर का औद्योगिक भ्रमण…

, प्लास्टिक तकनीक की बारीकियां जानीं

रायपुर। शांतिनिकेतन महाविद्यालय, रायपुर के एम.एससी., बी.एससी., बी.कॉम. एवं पीजीडीसीए (PGDCA) के 57 छात्र-छात्राओं और फैकल्टी सदस्यों ने 14 अक्टूबर 2026 को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET), रायपुर का एक दिवसीय औद्योगिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्लास्टिक एवं पॉलिमर प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक, तकनीकी और औद्योगिक पहलुओं से परिचित कराना था।

प्लास्टिक रिसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण की मिली जानकारी

भ्रमण की शुरुआत CIPET के विशेषज्ञ श्री विभोर विभूति द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण से हुई। इस दौरान विशेषज्ञों ने पर्यावरण संतुलन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और उसके वैज्ञानिक निस्तारण के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कठिन होने के कारण पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही, प्लास्टिक कचरे के सुरक्षित पुनर्चक्रण, सिंगल-यूज प्लास्टिक के वैज्ञानिक निस्तारण और कचरे से ऊर्जा उत्पादन करने वाली तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

मोल्डिंग से लेकर डिजाइनिंग तक की प्रक्रिया देखी

इसके बाद विद्यार्थियों ने CIPET के मोल्डिंग, प्लास्टिक टेस्टिंग, प्लास्टिक प्रोसेसिंग और ऑटोकैड/डिजाइनिंग विभागों का अवलोकन किया। यहां उन्होंने कच्चे माल से प्लास्टिक उत्पाद तैयार करने, उत्पादों की गुणवत्ता जांचने और निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं को नजदीक से समझा।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को CIPET की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से उपलब्ध उच्च शिक्षा, डिप्लोमा, डिग्री, अनुसंधान और रोजगार संबंधी अवसरों की भी जानकारी दी। इससे विद्यार्थियों को प्लास्टिक एवं पॉलिमर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।

विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए रहा उपयोगी

यह औद्योगिक भ्रमण विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हुआ। बायोलॉजी के विद्यार्थियों ने प्लास्टिक के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और बायोप्लास्टिक जैसी तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। वहीं, कंप्यूटर साइंस, आईटी और पीजीडीसीए के विद्यार्थियों ने ऑटोकैड एवं डिजिटल डिजाइनिंग से संबंधित तकनीकी पहलुओं को समझा।

दूसरी ओर, कॉमर्स के विद्यार्थियों को विनिर्माण प्रक्रिया, लागत नियंत्रण और औद्योगिक व्यापार की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान मिला।

इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक परिवेश से जोड़ने का अवसर मिला। इस प्रकार का औद्योगिक अनुभव विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक समझ और करियर संबंधी दृष्टिकोण को विकसित करने में महत्वपूर्ण साबित होता है।

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