छत्तीसगढ़

नशे की गिरफ्त में छत्तीसगढ़ का युवा, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

सूखा नशा और शराब युवाओं का भविष्य कर रहे बर्बाद – कांग्रेस

सूखे नशे और शराब के कारण प्रदेश के युवा बर्बाद हो रहे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से राज्य में भाजपा की सरकार बनी है, प्रदेश नशे के कारोबार और अवैध शराब का गढ़ बन चुका है। प्रदेश के गांव-गांव, गली, कूचे में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है। सरकारी अमला इस अवैध शराब बिक्री को खुला संरक्षण देता है। आबकारी मंत्री दावा करते है शराब के पैसे से सरकार चल रही है। इसीलिए सरकार ज्यादा से ज्यादा शराब बेचने में लगी है। मंत्री दयालदास बघेल स्वयं स्वीकार चुके है कि किसी आदमी के 1 बोतल शराब मिल जाये तो उसके खिलाफ पुलिस कार्यवाही कर देती है, शराब भट्ठी से पेटी-पेटी शराब लेकर खुलेआम बेची जा रही कार्यवाही नहीं होती है। मंत्री बघेल ने स्वीकार किया कि राज्य में अवैध शराब की बिक्री के लिए पुलिस विभाग और आबकारी विभाग दोनों जिम्मेदार है। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, दुर्ग तो सूखे नशे की बिक्री का केंद्र बन गया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य की जनता को शराबी बनाने पर तुली है। विपक्ष में रहकर शराबबंदी के लिए कसमें खाने वाली, शराबबंदी की दुहाई देने वाली भाजपा की सरकार ने राज्य में शराब की दुकानों की संख्या दुगुनी कर दिया है। राज्य में लगभग 700 देशी और अंग्रेजी शराब दुकाने थी। भाजपा सरकार ने हर देशी शराब दुकानों में अंग्रेजी तथा अंग्रेजी शराब दुकानों में देशी बेचना शुरू कर दिया है। मतलब अब देशी और अंग्रेजी शराब दुकानों की संख्या डबल 1400 हो गयी है। अर्थात अब प्रदेश में कुल 1400 शराब दुकाने खोल दी गयी है, इसके अतिरिक्त पिछले साल से 67 नई शराब दुकाने सरकार ने खोला था, इस साल 35 दुकान और खोला गया। भाजपा की जब रमन सरकारे थी तब उसी ने शराब का सरकारीकरण किया था।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से राज्य में भाजपा की सरकार बनी है लगातार सरकार शराब की खपत बढ़ाने के प्रयास में लगी है। साय सरकार में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है। नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेचा जा रहा है। राजनांदगांव, मुंगेली सहित प्रदेश के अनेकों स्थानों से लगातार खबरें आ रही है सरकारी शराब दुकानों से 200 रू. प्रति पेटी अतिरिक्त लेकर गली, मुहल्लों में कोचिये शराब पहुंचा रहे है। डोंगरगढ़ में बाटलिंग प्लांट यूनिट में पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़े गये। दूसरे राज्यों की शराब बस्तर, सरगुजा सहित मैदानी क्षेत्रों में निर्बाध पहुंच रहे है। नकली और अवैध शराब का धंधा सत्ता के संरक्षण में तेजी से फल-फूल रहा है।

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