छत्तीसगढ़

जनसंपर्क विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा, अपर संचालक संजीव तिवारी को तत्काल हटाकर CBI, ED और SIT जांच कराए सरकार –उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप

रायपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के विरुद्ध प्राप्त गंभीर शिकायतों, भ्रष्टाचार, कथित कमीशनखोरी एवं स्थानीय पत्रकारों के उत्पीड़न संबंधी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की मांग मुख्यमंत्री से की है और संजीव तिवारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग, जो सरकार और जनता के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम होना चाहिए, आज गंभीर आरोपों और विवादों के कारण सवालों के घेरे में है। स्थानीय पत्रकारों और मीडिया संस्थानों द्वारा लंबे समय से विज्ञापन वितरण में अनियमितता, कथित कमीशनखोरी, पक्षपातपूर्ण रवैया तथा वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें की जा रही हैं। विज्ञापन वितरण एवं निविदा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं तथा 40 से 50 प्रतिशत तक कमीशनखोरी की शिकायतों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है तो यह जनता के धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। एक वरिष्ठ पत्रकार जो पिछले डेढ़ साल से बीमार हैं उन्होंने अनेको बार संजीव तिवारी से सहायता कोष से मदद की गुहार लगाई किन्तु आज तक उन्होंने आना कानी कर सहायता नहीं की।

उन्होंने कहा कि बुलंद छत्तीसगढ़ के हॉकर अभय शाह से जुड़े प्रकरण तथा रायपुर प्रेस क्लब के एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं ने पत्रकार जगत में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल पैदा किया है। ऐसे में जांच की निष्पक्षता बनाए रखने हेतु संजीव तिवारी को जांच पूर्ण होने तक वर्तमान पद से हटाया जाना आवश्यक है। संजीव तिवारी एवं उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों, आय के स्रोतों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन तथा उनके कार्यकाल में जारी विज्ञापनों और निविदाओं की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि वे पिछले लगभग दो दशकों से रायपुर एवं जनसंपर्क विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कैसे पदस्थ रहे तथा क्या इस दौरान सभी प्रशासनिक नियमों एवं स्थानांतरण नीतियों का पालन किया गया।

उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच CBI, ED, आयकर विभाग, EOW तथा SIT जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से कराई जाए और जांच पूर्ण होने तक संजीव तिवारी को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक किया जाए।पत्रकारों की आवाज को दबाने, शिकायतकर्ताओं को भयभीत करने अथवा भ्रष्टाचार के आरोपों पर पर्दा डालने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए घातक है। सरकार को इस मामले में त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 1 माह के भीतर इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आम आदमी पार्टी जनहित,पत्रकार हित और प्रशासनिक पारदर्शिता की रक्षा के लिए संवाद कार्यालय का घेराव करेगी तथा वैधानिक कार्रवाई का मार्ग अपनाएगी।

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