IDBI बैंक के निजीकरण पर कर्मचारियों का विरोध, देशव्यापी हड़ताल का ऐलान!
आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के विरोध में 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल, समर्थन में बीमा कर्मचारी भी करेंगे प्रदर्शन

रायपुर। आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने 2 और 3 नवंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस आंदोलन को ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईआईईए) ने समर्थन देने की घोषणा की है। संगठन के अनुसार, देशभर के बीमा कर्मचारी 2 नवंबर को दोपहर के भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन करेंगे।
60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के फैसले का विरोध
एआईआईईए के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र और महासचिव श्रीकांत मिश्रा ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की आईडीबीआई बैंक में संयुक्त 60.72 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी कनाडा स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचने के कथित फैसले का विरोध किया है।
संगठन का कहना है कि भारतीय वित्तीय क्षेत्र में विदेशी संस्थाओं की बढ़ती हिस्सेदारी से घरेलू बचत और वित्तीय संसाधनों पर विदेशी नियंत्रण बढ़ने की आशंका है।
मुनाफे में चल रहे बैंक के निजीकरण पर उठाए सवाल
एआईआईईए पदाधिकारियों ने कहा कि आईडीबीआई बैंक के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन में सुधार हुआ है तथा बैंक लगातार लाभ अर्जित कर रहा है। ऐसे में निजीकरण के औचित्य पर सवाल उठते हैं।
संगठन ने वर्ष 2003 में संसद में सरकार द्वारा आईडीबीआई में कम से कम 51 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी बनाए रखने संबंधी आश्वासन का भी उल्लेख किया।
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजीकरण का फैसला चालू वित्तीय वर्ष के 80 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने से प्रेरित प्रतीत होता है।
2 नवंबर को देशभर में प्रदर्शन करेंगे बीमा कर्मचारी
एआईआईईए ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण की नीति का विरोध करते हुए कहा कि वित्तीय क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
अध्यक्ष धर्मराज महापात्र और महासचिव श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि आईडीबीआई बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में देशभर के बीमा कर्मचारी 2 नवंबर को भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन करेंगे।



