सुतली और प्लास्टिक भी गुजरात से तय होकर आएगी? सहकारी समितियों की स्वायत्तता खत्म कर रही है सरकार – कांग्रेस

धान खरीदी के लिए आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था के लिए खरीदी प्रक्रिया में बदलाव पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यापारियों और सोसायटियों को दरकिनार कर गुजरात की पसंदीदा कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में अनुचित बदलाव किया गया है। तिरपाल, कैप कवर, कैमरा और सुतली जैसी बुनियादी सामग्रियां खरीदने का संवैधानिक व प्रशासनिक अधिकार जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पास होता है। अपेक्स बैंक के माध्यम से केंद्रीकृत टेंडर निकालकर स्थानीय सोसायटियों के अधिकार छीन लिए गए हैं। स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यापारियों और सोसायटियों को दरकिनार कर गुजरात की पसंदीदा कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में अनुचित बदलाव किया गया है। छत्तीसगढ़ के किसान अभी धान कटाई की तैयारी कर ही रहे हैं, और दूसरी तरफ साय सरकार ने धान खरीदी शुरू होने से पहले ही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की ‘दुकान’ सजा ली है। नियमों की धज्जियां उड़ाकर, जिला सहकारी बैंकों और प्राथमिक सोसायटियों के संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए हैं। अपेक्स बैंक के जरिए सुतली, तिरपाल, कैप कवर और कैमरे की खरीदी का केंद्रीकृत टेंडर निकालकर गुजरात की पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने का नंगा नाच शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी साय सरकार से पूछना चाहती है कि क्या अब छत्तीसगढ़ के धान की सुरक्षा के लिए सुतली और प्लास्टिक भी गुजरात से तय होकर आएगी?
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के छोटे व्यापारियों, सुतली निर्माताओं और वेंडरों का हक छीनकर गुजरात कंपनियों की जेब भरी जा रही है। यह इस सरकार के भ्रष्टाचार का गुजरात मॉडल है। कमीशनखोरी का खुला खेल चल रहा है। जब टेंडर प्रक्रिया जिला स्तर से हटाकर राज्य स्तर के अपेक्स बैंक पर केंद्रित की जाती है, तो इसका सीधा उद्देश्य फिक्स कमीशनखोरी और सांठगांठ होता है। गैर-छत्तीसगढ़ी कंपनियों द्वारा घटिया दर्जे के तिरपाल और कैप कवर की सप्लाई करने का पुराना रिकॉर्ड रहा है। इससे बारिश में धान भीगेगा और नुकसान का ठीकरा अंततः किसानों एवं सोसायटियों पर फोड़ा जाएगा। घटिया सुतली और तिरपाल के कारण धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्था फैलेगी, जिससे किसानों का धान खुले आसमान नीचे भीगेगा और रिजेक्शन का बहाना बनाकर किसानों को परेशान किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान प्राथमिक समितियों को पूर्ण स्वायत्तता दी गई थी। स्थानीय स्तर पर तात्कालिक जरूरतों के हिसाब से त्वरित और पारदर्शी खरीदारी होती थी, जिससे छत्तीसगढ़ के छोटे व्यापारियों को काम मिलता था और सोसायटियां सशक्त होती थीं। वर्तमान भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के संसाधनों पर गुजरात का कब्जा की नीति अपनाकर केंद्रीयकृत भ्रष्टाचार का मॉडल लागू कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले ही भाजपा सरकार ने कमीशनखोरी की दुकान सजा ली है। सोसायटियों के अधिकार छीनकर अपेक्स बैंक के जरिए करोड़ों रुपये का टेंडर घोटाला रचा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के छोटे व्यापारियों और सहकारी समितियों का हक मारकर गुजरात की कंपनियों की जेब भरना भाजपा का गुजरात मॉडल है। यह छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान और स्थानीय रोजगार पर सीधा हमला है। अगर गुणवत्ता ही पैमाना है तो क्या छत्तीसगढ़ की समितियां और व्यापारी इतने अयोग्य हैं कि सुतली और तिरपाल भी गुजरात से मंगाना पड़े? यह गुणवत्ता नहीं, सिर्फ और सिर्फ कमीशन सेट करने का खेल है।



